सर्दियों में रखे त्वचा का सौंदर्य बरकरार! डा सुभाष नायक

बड़ों के मुकाबले बच्चों की स्किन को पांच गुना ज्यादा केयर चाहिए होती है !डा. सुभाष नायक कनखल हरिव्दार! रिपोर्ट शिवाकान्त पाठक सम्पादक हरिव्दार !
बच्चों को पीएच बैलेंस से भरपूर साबुन से नहलाएं
हीटर से स्किन ड्राई हो जाती है, इसलिए बेबी लोशन लगाएं
सर्दियां दस्तक दे चुकी हैं। सुबह और रात को चलने वाली सर्द हवाओं से बचने के लिए जहां आप स्वेटर और पुलओवर पहन रहे हैं, वहीं ऐसे में स्किन को भी एक खास देखभाल की जरूरत होती है। बड़ों की ही नहीं, बच्चों की स्किन बड़ों की स्किन के पांच गुना नाजुक होती है। ऐसे में इन्हें खास देखभाल की जरूरत होती है। ऐसे में सर्दियों के दौरान बच्चों की त्वचा को रूखेपन से बचाने के लिए विशेष रूप से ऐहतियात बरतनी चाहिए। भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी मुंबई के पूर्व अध्यक्ष उदय अनंत ने सर्दियों के दौरान बच्चों की त्वचा की देखभाल से संबंधित ये सुझाव दिए हैं।
बच्चों के स्नान को सर्दियों में सीमित कर देना चाहिए। स्नान से बच्चों की त्वचा से धूल, गंदगी हटने के साथ प्राकृतिक तेल और नमी भी हट जाती है, हालांकि कुछ सावधानियां बरतने पर समस्याएं नहीं होंगी। बच्चे को ज्यादा समय तक नहलाने के बजाय जल्द नहलाएं। विशेष अवसरों पर बबल बाथ दे सकती हैं। सर्दियों में बच्चों को गुनगुने पानी से नहलाएं।
पीएच बैलेंस से भरपूर सौम्य साबुन से बच्चे को नहलाएं। इससे बच्चों की त्वचा में नमी बरकरार रहती है, अगर आप खारे पानी वाले क्षेत्र में रहते हैं तो फिर सिर्फ पानी से बच्चे को नहलाने से त्वचा रूखी हो सकती है।
सर्दियों में बच्चों की त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हीटर के इस्तेमाल से भी त्वचा रूखी हो सकती है, इसलिए बच्चों को सौम्य बेबी लोशन लगाएं।
ऊनी टोपी सहित अन्य ऊनी कपड़े बच्चों को नहीं पहनाएं क्योंकि इससे बच्चों को उलझन, खुजली, दाने पड़ जाना और एक्जिमा तक होने की संभावना रहती है। ऊनी टोपी पहनाने से चेहरे की त्वचा रगड़कर रूखी हो सकती है, इसलिए जितना संभव हो सिंथेटिक की बजाय नैचुरल फैब्रिक्स का चयन करें। इससे बच्चों की त्वचा खुलकर सांस लेगी और पसीना भी नहीं निकलेगा।
अपने बच्चे की त्वचा में नमी बनाए रखने के लिए उन्हें औसत मात्रा में गुनगुना पानी पिलाएं। यह त्वचा को पोषित भी रखेगा।

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