एक सच्चे राष्ट्र प्रेमी थे गुरू नानक देव जी
कलम की ताकत समाचार सेवा संम्पादक शिवाकान्त पाठक हरिव्दार उ ख ! ऐक सच्चे राष्ट्र प्रेमी थे गुरू नानक ! परमजीत सिंह ! आज 12 नवंबर को गुरु नानक जयंती है। आप सभी को गुरु नानक जयंती की शुभकामनाएं। हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की पूर्णिमा को गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। इस दिन को गुरु पर्व या प्रकाश पर्व भी कहा जाता है। पंजाब समेत देश भर में प्रकाश पर्व पर उत्सव का माहौल है। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की ये 550 जयंती है। आज 'पंज प्यारे के नेतृत्व में विभिन्न जगहों पर 'नगर कीर्तन (धार्मिक जुलूस) निकाले जाएंगे, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे और भजन गाएंगे। हर तरफ गुरबानी का स्वर गूंजेगा। गुरु नानक जयंती के दिन सिख समुदाय के लोग 'वाहे गुरु, वाहे गुरु' जपते हुए सुबह-सुबह प्रभात फेरी निकालते हैं। गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन करते हैं, रुमाला चढ़ाते हैं, शाम के वक्त लोगों को लंगर खिलाते हैं। गुरु पर्व ( Guru Parv ) के दिन सिख धर्म के लोग अपनी श्रृद्धा के अनुसार सेवा करते हैं और गुरु नानक जी के उपदेशों यानी गुरुवाणी का पाठ करते हैं। इस शुभ मौके पर दोस्तों और करीबियों को शेयर करें ये Gurpurab Wishes Images, Status, Quotes, Photos, Wallpapers, Messages, and Greeting Cards
guru nanak jayanti 2019
सिखों के प्रथम गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 को राय भोई की तलवंडी (राय भोई दी तलवंडी) नाम की जगह पर हुआ था, जो अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित ननकाना साहिब में है। इस जगह का नाम ही गुरु नानक देव जी के नाम पर पड़ा. यहां बहुत ही प्रसिद्ध गुरुद्वारा ननकाना साहिब भी है, जो सिखों का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माना जाता है। इस गुरुद्वारे को देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं।
guru nanak jayanti 2019
गुरु नानक जी सिख समुदाय के संस्थापक और पहले गुरु थे। उन्होंने ही सिख समाज की नींव रखी। गुरु नानक जी ने अपना पूरा जीवन मानवता की सेवा में लगा दिया।
guru nanak jayanti 2019
गुरु नानक जी के उपदेश-
- ईश्वर एक है। वह सर्वत्र विद्यमान है। हम सबका "पिता" वही है इसलिए सबके साथ प्रेम पूर्वक रहना चाहिए।
- कभी भी किसी का हक नहीं छीनना चाहिए बल्कि मेहनत और ईमानदारी की कमाई में से ज़रुरतमंद को भी कुछ देना चाहिए।
- स्त्री-जाति का आदर करना चाहिए। वह सभी स्त्री और पुरुष को बराबर मानते थे।
guru nanak jayanti 2019
-कर्म भूमि पर फल के लिए श्रम सबको करना पड़ता है, रब सिर्फ लकीरे देता है रंग हमको भरना पड़ता है।
-दूब की तरह छोटे बनकर रहो ! जब घास-पात जल जाते है तब भी दूब जस की तस रहती है।
-जिस व्यक्ति को खुद पर विश्वास नहीं है वो कभी ईश्वर पर भी पूर्णरूप से कभी विश्वास नहीं कर सकता।
guru nanak jayanti 2019
सिखों के प्रथम गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 को राय भोई की तलवंडी (राय भोई दी तलवंडी) नाम की जगह पर हुआ था, जो अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित ननकाना साहिब में है। इस जगह का नाम ही गुरु नानक देव जी के नाम पर पड़ा. यहां बहुत ही प्रसिद्ध गुरुद्वारा ननकाना साहिब भी है, जो सिखों का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माना जाता है। इस गुरुद्वारे को देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं।
guru nanak jayanti 2019
गुरु नानक जी सिख समुदाय के संस्थापक और पहले गुरु थे। उन्होंने ही सिख समाज की नींव रखी। गुरु नानक जी ने अपना पूरा जीवन मानवता की सेवा में लगा दिया।
guru nanak jayanti 2019
गुरु नानक जी के उपदेश-
- ईश्वर एक है। वह सर्वत्र विद्यमान है। हम सबका "पिता" वही है इसलिए सबके साथ प्रेम पूर्वक रहना चाहिए।
- कभी भी किसी का हक नहीं छीनना चाहिए बल्कि मेहनत और ईमानदारी की कमाई में से ज़रुरतमंद को भी कुछ देना चाहिए।
- स्त्री-जाति का आदर करना चाहिए। वह सभी स्त्री और पुरुष को बराबर मानते थे।
guru nanak jayanti 2019
-कर्म भूमि पर फल के लिए श्रम सबको करना पड़ता है, रब सिर्फ लकीरे देता है रंग हमको भरना पड़ता है।
-दूब की तरह छोटे बनकर रहो ! जब घास-पात जल जाते है तब भी दूब जस की तस रहती है।
-जिस व्यक्ति को खुद पर विश्वास नहीं है वो कभी ईश्वर पर भी पूर्णरूप से कभी विश्वास नहीं कर सकता।

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