बड़ी खबर जालैन में खाना पूर्ति योजनाओं की
*इंद्रधनुष योजना क्रियान्वन के लिए एएनएम को बैठक के जरिये देना थी जानकारी*
*अनियमितताओं को नजर अंदाज करते हुए महज फोटो खिंचवाकर स्वास्थ्य केंद्र से लौट जाते है जिले के स्वास्थ्य अधिकारी*
कदौरा/जालौन 14 नवम्बर।स्वास्थ्य विभाग से सम्बंधित केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं के प्रति जिले के मुख्य स्वास्थ्य आधिकारिक टीम अक्सर खाना पूर्ति में ही लिफ्त रहती है जो कि स्टाफ एकत्र हो य नदारद इससे कोई फर्क नही पड़ता बस केंद्र तक आये बैठक की फोटो खिंचवाई व चंद बातों के जरिये वापस हो गए।कहा क्या अव्यवस्था है इस पर कोई गौरतलब करने वाला नही है।
ज्ञातव्य हो कि केंद्र व प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओ में संचारी रोग पोलियो इंद्रधनुष आदि अभियान से पूर्व जिले की आधिकारिक टीम द्वारा सम्बन्धित पदाधिकारियों को प्रशिक्षन व बैठक के जरिये जानकारी दी जाती है जिससे अभियान में दक्ष होकर स्वास्थ्य कर्मी जनता को योजना के तहत लाभ पहुंचा सके।लेकिन जनपदीय कुछ अधिकारियों की अरुचि की वजह से बैठक व प्रशिक्षण महज खानापूर्ति की भेंट चढ़ जाती है।
गुरुवार को कदौरा स्वास्थ्य केंद्र में आगामी 2 दिसम्बर से प्रारम्भ इंद्रधनुष योजना में टीकाकरण में छूटे बच्चो का टीकाकरण सम्बन्धित बैठक हुई जिसमें पहुंचे स्वास्थ्य अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सत्य प्रकाश कठेरिया द्वारा चंद समय मे आनन फानन बैठक में गुप्तता रखते हुए फोटो खिंचवा कर खत्म कर ली।साथ ही जनपदीय स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा विभागीय अनियमितताओं को भी नजर अंदाज किया जाता है जिससे गरीब जनता को स्वास्थ्य सेवाओं का पूर्ण लाभ ही नही मिल पाता है।जबकि प्रदेश सरकार द्वारा अथक प्रयास करते हुए जनपदीय स्वास्थ्य अधिकारियो को समय समय पर निर्देश दिए जाते है कि ब्लाक व ग्रामीणांचल स्तर पर संचारी रोग सहित अन्य स्वास्थ्य व्यवस्थाओ व योजनाओ का क्रियान्वन बेहतर हो पर लापरवाही के चलते अधिकांश जनता कुछ सेवाओ से वंचित रहती है।
*वर्षो से स्वास्थ्य केंद्र में खराब सीबीसी मशीन कई बार सूचना के बाद भी सोये जिम्मेदार*
सरकारी अस्पतालों में कहने को तो निशुल्क उपचार होता है लेकिन कदौरा स्वास्थ्य केंद्र में वर्षो से सीबीसी मशीन खराब पड़ी है जिससे मरीजो को सरकारी अस्पताल में एक जांच के लिए महज 400 रुपये बाहर खर्च करने पड़ते है कई बार मरीजो सहित जनता द्वारा सीएमओ व अपरसीएमओ द्वारा बैठक व निरीक्षण में अवगत कराने के बावजूद कोई सुनवाई नही यहां तक कि पिछले महीने तक टाइफाइड की जांच के लिए भी मरीजो को बाहर रुपये खर्च करने पड़ते रहे क्यो कि जिले से इस केंद्र के लिए किट्स ही उपलब्ध नही कराई गई बाद में जिले के अधिकारियों से शिकायत के बाद किट्स भेजी गयी।
*बाजार में झोलाछाप डॉक्टर हो रहे जानलेवा साबित जिम्मेदारों को कोई फिक्र ही नही*
क्षेत्र में जगह जगह परचून की दुकान की तरह खुले अस्पताल क्लीनिक जांच केंद्र में अनियमितताओं के बावजूद जिले के स्वास्थ्य अधिकारी कभी गौरतलब नही करते पिछली बार अपर सीएमओ डॉ सत्य प्रकाश द्वारा कुछ पैथालॉजी सेंटरो पर कार्यवाही की गई चंद दिनों बाद उक्त कार्यवाही बेअसर रही।

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