रोशनाबाद में भयानक जाम की समस्या बने ई रिक्सा
कलम की ताकत समाचार सेवा हरिद्वार उत्तराखंड ✍✍
✍✍रोशनाबाद में किसी बड़ी घटना का इंतजार तो नहीं कर रहा है प्रशासन ? आपको बताते चलें की रोशनाबाद में हजारों फैक्ट्री कर्मी किराए पर मकान लेकर रहते हैं शाम 7:00 बजे से अलग-अलग कंपनियों की छुट्टियां होना प्रारंभ हो जाती हैं छोटा रोड होने के कारण भारी मात्रा में लोग निकलने से आए दिन जाम की समस्या पैदा हो जाती है वहीं दूसरी ओर पुलिया टूटी होने के कारण रोड बहुत ही शकरा हो चुका है छोटे रोड में सड़क किनारे खड़े होने वाले ई रिक्शा टस से मस होने का नाम नहीं लेते पहले सवारियां लेने के चक्कर में आए दिन पैदल गुजरने वाले लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ता है हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं कई बार मारपीट की नौबत भी आ चुकी है क्योंकि जाम लगने के कारण तमाम लोगों को तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है सोचने वाली बात तो यह है कि पुलिस प्रशासन द्वारा कई बार ई रिक्शा वालों को संकेत देने व शख्ती करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है क्या पुलिस का खौफ नहीं रहा ई रिक्शा वालों के मन में या फिर जाम लगने की समस्या को दावत देते ई रिक्शा यूं ही सड़क पर डटे रहेंगे या फिर संबंधित चौकी इंचार्ज वास्तव में सख्त रवैया अख्तियार करेंगे समस्या का समाधान तो इस प्रकार किया जा सकता है कि स्टेडियम के पहले ही ई-रिक्शा रोक दिए जाएं ताकि जाम की समस्या दोबारा उत्पन्न ना हो क्योंकि जाम की समस्या होने पर लड़कियों के साथ महिलाओं के साथ छींटाकशी करने में भी ड्राइवर पीछे नहीं हटते लोक लाज के कारण महिलाएं अपनी जुबान बंद रखती हैं तो क्या पुलिस प्रशासन एक बार फिर सख्त रवैया अख्तियार करेगा या फिर यूं ही चलता रहेगा गोरखधंधा !
✍✍रोशनाबाद में किसी बड़ी घटना का इंतजार तो नहीं कर रहा है प्रशासन ? आपको बताते चलें की रोशनाबाद में हजारों फैक्ट्री कर्मी किराए पर मकान लेकर रहते हैं शाम 7:00 बजे से अलग-अलग कंपनियों की छुट्टियां होना प्रारंभ हो जाती हैं छोटा रोड होने के कारण भारी मात्रा में लोग निकलने से आए दिन जाम की समस्या पैदा हो जाती है वहीं दूसरी ओर पुलिया टूटी होने के कारण रोड बहुत ही शकरा हो चुका है छोटे रोड में सड़क किनारे खड़े होने वाले ई रिक्शा टस से मस होने का नाम नहीं लेते पहले सवारियां लेने के चक्कर में आए दिन पैदल गुजरने वाले लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ता है हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं कई बार मारपीट की नौबत भी आ चुकी है क्योंकि जाम लगने के कारण तमाम लोगों को तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है सोचने वाली बात तो यह है कि पुलिस प्रशासन द्वारा कई बार ई रिक्शा वालों को संकेत देने व शख्ती करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है क्या पुलिस का खौफ नहीं रहा ई रिक्शा वालों के मन में या फिर जाम लगने की समस्या को दावत देते ई रिक्शा यूं ही सड़क पर डटे रहेंगे या फिर संबंधित चौकी इंचार्ज वास्तव में सख्त रवैया अख्तियार करेंगे समस्या का समाधान तो इस प्रकार किया जा सकता है कि स्टेडियम के पहले ही ई-रिक्शा रोक दिए जाएं ताकि जाम की समस्या दोबारा उत्पन्न ना हो क्योंकि जाम की समस्या होने पर लड़कियों के साथ महिलाओं के साथ छींटाकशी करने में भी ड्राइवर पीछे नहीं हटते लोक लाज के कारण महिलाएं अपनी जुबान बंद रखती हैं तो क्या पुलिस प्रशासन एक बार फिर सख्त रवैया अख्तियार करेगा या फिर यूं ही चलता रहेगा गोरखधंधा !

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