पत्रकारों की समस्याओं के प्रति जागरूक हो सरकार




राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ?ब्यूरो रिपोर्ट गुलफाम अली

जैसा कि आप सभी लोग जानते  हैं आज 16 नवंबर  है और आज राष्ट्रीय प्रेस दिवस का दिन है इस अवसर पर सभी पत्रकार बंधुओं को हमारी ओर से पत्रकार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और आज इस मौके पर हम एक पत्रकार पर आर्थिक परेशानी के बारे में बात करते हैं और क्यों होता है पत्रकार का शोषण ? और  पत्रकारों को बिकाऊ क्यों  कहां जाता है ? और पत्रकारों की हत्या व फर्जी मुकदमे में फंसाने का षड्यंत्र क्या है ? इसके पीछे की सच्चाई हम आपको बताते हैं पत्रकारिता वैसे तो संविधान का चौथा स्तंभ कहा जाता है लेकिन पत्रकारिता एक बहुत ही कमजोर खंबे की तरह है जिसको कोई भी   तोड़ मरोड़ देता है पत्रकारिता की कलम वह शक्तिशाली हथियार है जिसकी ताकत से विश्व को बदला जा सकता है लेकिन  पत्रकारिता करने वाले  निर्भीक व निष्पक्ष होकर  अपनी कलम  चलाता है और भ्रष्टाचारियों का पर्दाफाश भी करने में पीछे नहीं हटता है लेकिन  आज तक  कभी भी किसी सरकार ने  पत्रकारों  को सुरक्षा और  उसकी  आर्थिक परेशानी  को जानने की  कोशिश  नहीं की  जिसकी वजह से  भ्रष्टाचारी  द्वारा पत्रकारों को अपनी गोली का शिकार और फर्जी मुकदमा कब और कहां बना ले  इसका कोई अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है वही जब पत्रकार भ्रष्टाचारियों का निशाना बन जाता है तो उसके परिवार व बच्चों के बारे में आखिर क्यों नहीं सोचा जाता जो कि बहुत ही गंभीरता से सोचने वाली बात है  पत्रकारिता को  केवल चौथा स्तंभ का दर्जा देना ही उचित नहीं है  पत्रकारिता के लिए सरकार को सुरक्षा  वे उसकी आर्थिक परेशानी को देखते हुए एक नया कानून  बनाने की बहुत ही आवश्यकता है  क्योंकि पत्रकारिता करने वालों का भी परिवार होता है  और उसके साथ  उसके पूरे परिवारों की  जिम्मेदारियां  बंधी होती है

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