वी ऐस इंडिया न्यूज परिवार की ओर से शुभ प्रभात मित्रों

वी ऐस इंडिया न्यूज तथा कलम की ताकत समाचार परिवार की ओर से आपको सपरिवार शुभ प्रभात मित्रों ✍✍👏👏(आज की सुबह कविता )
रात धीरे-धीरे दीवार फाँद गई,
चाँद मेरी छत से होकर गुज़र गया
जुगनूओं का शोकगीत अब भी जारी है।
गर्मागर्म मुद्दों की अलाव जलाकर
सर्द सुबहों में लोग अपने हाथ सेंक रहे हैं
और जो थोड़े सोए थे
सनसनीखेज़ ख़बरों की चादर ओढ़कर
अभी भी सोए हैं
और बड़बड़ा रहे हैं नींद में।
यह समय
इस युग का सबसे कठिन समय है
और यह युग,
अपनी उपेक्षा से तिलमिलाया, क्रोध से फफक रहा है।
रातभर की डरी खिड़कियाँ
अभी-भी काँप रही है किसी अजान भय से।
आदमी के लिए सबसे शर्म की बात तो यह है कि
दरवाज़े,
जो महज औपचारिकता थे कभी
आज खुलते नहीं,
बाहर का शोर सुनकर भी। संम्पादक शिवाकान्त पाठक हरिव्दार उ. ख ✍आप भी भेजिये कविता समाचार विज्ञापन  लेख हम उठायेंगे आप सभी की आवाज सम्पर्क 📞9897145867 अन्याय अत्याचार के खिलाफ जंग में हम हैं आप के साथ ✍✍✍📺📺👏👏

Comments

Popular posts from this blog

*फोन टैप करने के लिए केवल 10 एजेंसियां अधिकृत : केंद्र सरकार

बेहद खतरनाक होता है स्टोन फिश का जहर

सर्दियों में रहना है स्वस्थ तो खायें ये चीजें !डा. सुभाष नायक