प्रभु राम और उनका आदर्श
भगवान श्रीरामचन्द्र हिंदू सनातन धर्म के सबसे पूज्यनीय सबसे महानतम देव माने जाते हैं उनका व्यक्तित्व मर्यादा ,नैतिकता, विनम्रता ,करूणा ,क्षमा, धैर्य, त्याग,तथा पराक्रम का सर्वोत्तम उदाहरण माना जाता है । श्रीराम का जीवनकाल एवं पराक्रम महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित संस्कृत महाकाव्य रामायण के रूप में वर्णित हुआ है। रामायण में सीता के खोज में श्रीलंका जाने के लिए 25 किलोमीटर पत्थर के सेतु का निर्माण करने का उल्लेख प्राप्त होता है, जिसको रामसेतु कहते हैं, वह आज भी स्थित है, जिसकी कार्बन डेंटिंग में पांच हजार वर्ष पूर्व का अनुमान लगा गया है। राम ( रामचंद्र ) निवासस्थान अयोध्या, वैकुण्ठलोक (परमधाम) अस्त्र धनुष (कोदंड) जीवनसाथी सीता माता-पिता दशरथ (पिता) कौशल्या (माता) एक माँ की संताने भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न बच्चे कुश, लव मान्यता अनुसार गोस्वामी तुलसीदास ने भी उनके जीवन पर केन्द्रित भक्तिभावपूर्ण सुप्रसिद्ध महाकाव्य रामचरितमानस की रचना की है। इन दोनों के अतिरिक्त अन्य भारतीय भाषाओं में भी रामायण की रचनाएं हुई हैं, जो काफी प्रसिद्ध भी हैं। खास तौर पर उत्तर भारत में राम अत्यंत ...