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सिसकती कलम का दर्द

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पत्रकार को हत्या की धमकी से पत्रकारिता समाप्त नहीं हो सकती! स. संपादक शिवाकान्त पाठक हरिव्दार उत्तराखंड!  भारतीय संविधान की संरचना में चार स्तम्भ है कार्य पालिका , न्याय पालिका , विधायिका ,तथा पत्रकारिता अब हम ऐक पैनी नजर डालकर देखते हैं कि इन चार स्तम्भो में अपनी अपनी जिम्मेदारी बखूबी तौर से कौन कौन निभा रहा है तो देंखे कार्यपालिका के काम से क्या जनता संतुष्ट है क्या जनता की समस्यायें कार्य पालिका हल करती है सभी अधिकारियों व कर्मचारियों व्दारा क्या राष्ट्रहित व जनहित में बिना किसी सुविधा शुल्क लिए काम होते हैं किसी भी पेंशन या प्रमाण पत्र राशनकार्ड या विकाशकार्यों में पारदर्शिता होती है जबाब खुदबखुद आप के पास है इसी तरह न्याय का भी हल है दूल्हा बिकता है बोलो खरीदोगे की तर्ज पर यहाँ न्याय भी अमीरों  की विरासत का रूप ले चुका है इसी तरह विधायिका भी देखे तो बड़े बड़े घोटाले सुरसा की तरह विकराल मुँह फैलाये दिखेगें अब बात पत्रकारिता की करते हैं तो ज्यादातर पत्रकार आर्थिक संकट से गुजरकर भी पत्रकारिता लत में पड़कर अपना व परिवार का भविष्य चौपट कर चुके हैं वे अपने बच्चों को अच्छी श...

अमीरों के देश में गरीबी की भूख से मौत

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भूख से तड़पते बच्चे की मौत अमीरों के देश में गरीबी का कत्ल!  शिवाकान्त पाठक स. संपादक हरिव्दार उत्तराखंड! आपको पता है कि भारत विकास के पथ पर अग्रसर है जहां अम्बानी की बेटी लाखों रूपये की चाय पीती है वहीं उसी देश में हर प्रदेश हर जिले में ऐसे भी गरीब मिलेंगे जिन्हे दो वक्त की रोटी नशीब नहीं हो पाती पता है क्यों क्यों इंसान से ज्यादा कोई खुदगर्ज हो ही नहीं सकता नन्ही सी चिड़िया खुद भूखी होने पर भी बच्चों के लिए चोंच में दाना लेकर जाती है तो भी इंसान उससे कुछ सीखना नहीं चाहता जिसके पास जितनी दौलत उसे उतनी ही भूख भी देखी जा सकती वह लोगों की मदद करने के नाम पर मुंह बनाता अंत वह सारी दौलत बच्चों के लिए छोड़ कर चला जाता है और बिना मेहनत के मिली दौलत का दुरूपयोग करते हैं उनके पुत्र बस यही सिलसिला सदियों से चला आ रहा है! आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में पिछले छह महीनों के दौरान भूख से दो बच्चों की मौत हो गई. बच्चों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले गैर सरकारी संगठन, बालाला हक्कु ला संघम ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को शिकायत भेजी है कि लगभग पांच साल उम्र के दो बच्चों की मौत हो गई, क...

खाकी के पीछे छिपी अंतर्वेदना क्या महशूस की आपने

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क्या आपने महशूस किया कभी पुलिस का दर्द! जानियें सच्चाई!  संपादक शिवाकान्त पाठक हरिव्दार उत्तराखंड! प्राइवेट कम्पनियों के कर्मचारी आठ घंण्टे से अधिक ड्यूटी के ओवरटाइम लेते हैं  लेकिन हमारी सुरक्षा में तत्पर ऐक फोन पर दौड़ कर आने वाली पुलिस 24 घण्टे ड्यूटी करने के बाद भी किसी प्रकार का ओवरटाइम नहीं लेती ना ही कोई ऱविवार की छुट्टी ना ही होली दिवाली या त्योहार आदि सोचिये उनके परिवार का क्या आलम होगा उसपर भी पेंशन सिस्टम समाप्त होना कितना सोचनीय विषय है आपको बताते चलें कि छुट्टी की अर्जी पेश करने के बाद छुट्टी मिले ना मिलें यह भी निश्चित नहीं होता फिर इमरजेंसी कितनी भी क्यों ना हो सोच कर देखिये जनाब पुलिस पर तरह तरह के आरोप प्रत्यारोप  करने वाले यह महशूस करके तो देंखें तब हकीकत का पता चलेगा बीते दिनों   मुजफ्फरनगर में रहने वाले एक सिपाही ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा ही सौंप दिया था पुलिस कर्मियों की समस्याओं को देख रहे तथा छुट्टी संबंधी तमाम समस्याओं की सुनवाई कर रहे एसएसपी  उस समय चौक पड़े जब अचानक एक सिपाही ने उनसे इस्तीफा थमा दिया और सिपा...

दुख क्यों मांगा कुंती ने श्रीकृष्ण से !वर्फानी बाबा

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महाभारत के युद्ध के बाद कुंती ने श्रीकृष्ण से मांगा ये उपहार ! वर्फानी बाबा! बदरीनाथ धाम! महाभारत का युद्ध खत्म हो गया था। युधिष्ठिर ने हस्तिनापुर की राजगादी संभाल ली थी। सब कुछ सामान्य हो रहा था। एक दिन वो घड़ी भी आई जो कोई पांडव नहीं चाहता था। भगवान श्रीकृष्ण द्वारिका लौट रहे थे। सारे पांडव दु:खी थे। श्रीकृष्ण उन्हें अपना शरीर का हिस्सा ही लगते थे, जिसके अलग होने के भाव से ही वे कांप जाते थे। लेकिन श्रीकृष्ण को तो जाना ही था। पांचों भाई और उनका परिवार श्रीकृष्ण को नगर की सीमा तक विदा करने आया। सब की आंखों में आंसू थे। कोई भी श्रीकृष्ण को जाने नहीं देना चाहता था। भगवान भी एक-एक कर अपने सभी स्नेहीजनों से मिल रहे थे। सबसे मिलकर उन्हें कुछ ना कुछ उपहार देकर श्रीकृष्ण ने विदा ली। अंत में वे पांडवों की माता और अपनी बुआ कुंती से मिले। भगवान ने कुंती से कहा कि बुआ आपने आज तक अपने लिए मुझसे कुछ नहीं मांगा। आज कुछ मांग लीजिए। मैं आपको कुछ देना चाहता हूं। कुंती की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने रोते हुए कहा कि हे श्रीकृष्ण अगर कुछ देना ही चाहते हो तो मुझे दु:ख दे दो। मैं बहुत सारा दु:ख...

भू माफियाओं के लिए सिंघम बने हरवीर सिंह सचिव प्राधिकरण हरिव्दार

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ग्राम आन्नेकी   पुल के पास हो रहे अवैध निर्माण को प्राधिकरण हरिद्वार द्वारा करीब 1 माह पूर्व जेसीबी की सहायता से गिरवा दिया गया था लेकिन बेखौफ भू माफियाओं द्वारा पुनः निर्माण करवाया गया जिसकी सूचना मिलने पर हरिद्वार रुड़की प्राधिकरण के सचिव हरवीर सिंह द्वारा आज  टीम के साथ जाकर अवैध निर्माण को जेसीबी द्वारा ध्वस्त किया गया साथ ही जय श्री कृष्णा प्रॉपर्टी डीलर द्वारा भरवाई गई नींव को भी प्राधिकरण द्वारा ध्वस्त किया गया साथ ही बोर्ड भी जब्त किया गया जो प्रोपर्टी का अवैध कारोबार कर रहे कृष्ण पाल शर्मा व्दारा लगवाया गया था आपको बताते चलें कि हरवीर सिंह सचिव प्राधिकरण अवैध निर्माण रुकवाने के लिए चर्चा का विषय बने हुए भू माफियाओं के दिलों में एक खौफ हमेशा समाया रहता है वहीं दूसरी और कुछ लोगों का कहना है कि सूर्य नगर कॉलोनी जो कि पूर्ण तरीके से अवैध रूप से बनवाई गई है शादी अभी भी प्लाटिंग जारी है लेकिन इस पर अभी तक प्रशासन की निगाहें क्यों नहीं गई यह बात भविष्य के गर्भ में है !

ऐस ऐस पी हरिव्दार व्दारा सभी थानों में मनाया गया संविधान दिवस

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ऐस ऐस पी हरिव्दार ने सभी थानों में संविधान दिवस मनाया! हरिद्वार! स. संपादक शिवाकान्त पाठक ! आज दिनाॅक- 26.11.2019 को भारतीय संविधान की 70वीं वर्षगाॅठ के उपलक्ष्य पर श्री सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय जनपद हरिद्वार द्वारा पुलिस लाइन रोशनाबाद में भारतीय संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित समस्त पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को शपथ दिलाई। शपथ दिलाने के पश्चात महोदय द्वारा कहा कि हम सभी भारत वर्ष के संविधान की गरिमा को बनाएं रखने के लिए शपथ लेकर उसका पालन करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। हम सब भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए कृत्संकल्प हैं। व्यक्ति की गरिमा राष्ट्र की एकता अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए अग्रणी हैं। इसके साथ ही इस संविधान को अंगीकृत अधिनियमित और आत्मसर्मिप्त करें।  हम स भी को  प्रेरित करें  कि संविधान का सभी लोग शत-प्रतिशत आधार करें  वअपने अधिकारों को जाने  संविधान का सम्मान देश का सम्मान है  आपको बताते चलें  की एसएसपी हरिद्वा...

जानिये कैसे बाजी मारी निर्दलीय उम्मीदवारों ने

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गोयल बने मेयर जनता को भा गए निर्दलीय! रूढ़की हरिद्वार !     निर्दलीय 20, भाजपा के 16 कांग्रेस के 2 तथा बसपा का 1 पार्षद निर्वाचित नहीं चल पाई लोकतांत्रिक जनमोर्चा के सुभाष सैनी की बस जानिये क्या है पूरा मामला! प्रदीप कुमार रोहिला तथा संजय कुमार की रिपोर्ट रुड़की ‌।नगर निगम चुनाव में मेयर पद पर जहां भाजपा के बागी उम्मीदवार गौरव गोयल ने बाजी मारी है वही बोर्ड में निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा यहां 40 सदस्य बोर्ड में जहां निर्दलीयों को 20 वार्डों में सफलता मिली है वही भाजपा को 17 कांग्रेस को दो तथा एक वार्ड में बसपा उम्मीदवार विजई रहा है। गौरव गोयल ने अपने निकटतम प्रत्याशी कांग्रेस के रिशु राणा को 3451वोटों से शिकस्त दी।    भाजपा के मंयक अग्रवाल को तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा। लोकतांत्रिक जनमोर्चा के सुभाष सैनी चौथे तथा बसपा के राजेन्द्र कुमार बाड़ी पांचवें स्थान पर रहे ।रुड़की की जनता बागी होकर चुनाव लड़ रहे निर्दलीय प्रत्याशी को ही अपना मेयर बनाने की परंपरा को नहीं तोड़ना चाहती। इस चुनाव में कुल 90833 वोट पडे़ थे जिसमें से गौरव गोयल को 29080 , कांग्रेस के...